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24 दिसंबर 2024 डेली करंट अफेयर्स हिंदी में, जो UPSC, SSC-cgl, CGL-Mains, बैंक PO, और अन्य सभी सरकारी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं।
In this Blog :
- "विश्व और भारत से जुड़े प्रमुख घटनाएँ"
- "आर्थिक समाचार"
- "राष्ट्रीय समाचार"
- "अंतरराष्ट्रीय समाचार"
- ''खेल से जुड़े समाचार''
- ''नियुक्ति''
- ''निधन''
- ''परीक्षाउपयोगी तथ्य''
👉अनाहत सिंह ने इस वर्ष अपना नौवां PSA चैलेंजर टाइटल जीतते हुए 'वेस्ट इंडिया स्लैम 2024' महिला एकल खिताब पर कब्जा किया, जिसमें उन्होंने आकांक्षा सालुंके को 3-0 से हराया।
- यह जीत अनाहत सिंह के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है, और उनकी शानदार फॉर्म को प्रदर्शित करती है।
अनाहत सिंह ने 2024 में कई प्रतिष्ठित खिताब जीते, जिनमें जूनियर और सीनियर राष्ट्रीय महिला खिताब शामिल हैं, और उन्होंने एशियाई खेलों में भी पदक जीते।
- अनाहत की एशियाई खेलों में सफलता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। वह भारतीय स्क्वैश की युवा स्टार हैं और भविष्य में और अधिक उपलब्धियों की उम्मीद की जा रही है।
पुरुष वर्ग में वीर चोत्रानी, जो एक और प्रमुख स्क्वैश खिलाड़ी हैं, सेमीफाइनल में हार गए।
- वीर चोत्रानी ने अपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष से सभी का ध्यान आकर्षित किया, लेकिन वह फाइनल में जगह नहीं बना सके।
संबंधित तथ्य:
- अनाहत सिंह भारतीय स्क्वैश के लिए एक उभरता हुआ सितारा हैं और उनकी 2024 में कई प्रमुख जीत भारतीय स्क्वैश को एक नई दिशा में ले जा रही हैं।
- पीएसए चैलेंजर टाइटल स्क्वैश के पेशेवर टूर्नामेंटों में से एक प्रमुख है, और अनाहत का नौवां टाइटल उनकी उत्कृष्टता को दर्शाता है।
- एशियाई खेल 2024 में अनाहत सिंह ने महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया, जिसने उन्हें भारतीय खेल समुदाय में एक अग्रणी खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया।
👉हरियाणा की किशोरी सुरुची ने 20 दिसंबर 2024 को राष्ट्रीय राजधानी में स्थित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में चल रही 67वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैम्पियनशिप (NSCC) 2024 में महिला एयर पिस्तौल इवेंट में तीन गोल्ड मेडल जीतकर शानदार प्रदर्शन किया।
- सुरुची की यह उपलब्धि भारतीय शूटिंग में उनकी लगातार मेहनत और कौशल का परिणाम है। उन्होंने इस इवेंट में तीनों गोल्ड मेडल जीतकर न केवल अपनी क्षमताओं को साबित किया, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम भी रोशन किया।
संबंधित तथ्य:
- 67वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैम्पियनशिप (NSCC) 2024 दिल्ली में आयोजित हो रही है, और इसमें देशभर के शीर्ष शूटर्स भाग ले रहे हैं।
- हरियाणा भारत के शीर्ष शूटिंग राज्य में से एक है, जहाँ कई प्रमुख शूटिंग खिलाड़ी रहते हैं और प्रशिक्षित होते हैं।
- सुरुची जैसे युवा खिलाड़ी भारतीय शूटिंग के भविष्य के लिए प्रेरणा स्रोत बन रहे हैं, और उनके प्रदर्शन से भारतीय शूटिंग को नई ऊँचाइयों तक पहुँचने की उम्मीद है।
- डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज भारत के प्रमुख शूटिंग प्रशिक्षण केंद्रों में से एक है, जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए प्रसिद्ध है।
👉भारत की कोयल बार और एल. नीलम देवी ने 21 दिसंबर 2024 को एशियाई यूथ और जूनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीते, जिससे देश के कुल पदकों की संख्या छह हो गई।
- कोयल बार ने स्नैच में 79 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 103 किलोग्राम उठाकर कुल 182 किलोग्राम वजन उठाया और सिल्वर मेडल हासिल किया।
संबंधित तथ्य:
एशियाई यूथ और जूनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2024 एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट है, जिसमें युवा वेटलिफ्टर अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करते हैं। इस प्रतियोगिता में एशियाई देशों के वेटलिफ्टर्स भाग लेते हैं, और यह आगामी ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।
कोयल बार और एल. नीलम देवी दोनों ही युवा वेटलिफ्टर्स ने भारतीय वेटलिफ्टिंग के भविष्य को उज्जवल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
भारतीय वेटलिफ्टिंग में पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है, और युवा खिलाड़ियों की इस सफलता से यह साबित होता है कि भारतीय वेटलिफ्टिंग में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता है।
भारतीय वेटलिफ्टिंग संघ (Indian Weightlifting Federation) इन युवा वेटलिफ्टर्स को बेहतर प्रशिक्षण और वैश्विक मंचों पर प्रतिस्पर्धा के लिए अवसर प्रदान करता है, जिससे भारत का प्रदर्शन बेहतर हुआ है।
👉मध्य प्रदेश को वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा "2025 के लिए प्रमुख वैश्विक गंतव्यों" में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है, जो अपनी समृद्ध धरोहर, वन्यजीव और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है।
- यह सम्मान मध्य प्रदेश के अद्वितीय पर्यटन स्थल और सांस्कृतिक धरोहर की वैश्विक पहचान को और मजबूत करता है।
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों जैसे खजुराहो, पन्ना और बांधवगढ़ को विशेष रूप से उनके सांस्कृतिक महत्व और शानदार परिदृश्यों के लिए वॉल स्ट्रीट जर्नल की मान्यता में उजागर किया गया है।
- ये स्थल न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं।
संबंधित तथ्य:
मध्य प्रदेश भारत का एक प्रमुख राज्य है, जो अपनी ऐतिहासिक धरोहर, प्राचीन मंदिरों, और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। राज्य में बाघ अभयारण्यों, ऐतिहासिक किलों और मंदिरों का खजाना है।
खजुराहो: यह स्थल अपनी विश्व प्रसिद्ध वास्तुकला और संगमरमर के मंदिरों के लिए जाना जाता है, जिनमें अनगिनत शिल्पकला की कृतियाँ हैं। इसे 1986 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई थी।
बांधवगढ़ और पन्ना: ये दोनों स्थल मध्य प्रदेश में स्थित प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान हैं, जो अपने समृद्ध वन्यजीव, खासकर बाघों के लिए प्रसिद्ध हैं। बांधवगढ़ का राष्ट्रीय उद्यान बाघों की सबसे बड़ी संख्या वाला अभयारण्य माना जाता है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की यह मान्यता मध्य प्रदेश के पर्यटन उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है और यह राज्य के वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और अधिक पहचान दिलाने में मदद करेगी।
👉भारत और वियतनाम के कोस्ट गार्ड्स की संयुक्त अभ्यास कोच्चि के तट पर आयोजित किया गया। यह संयुक्त अभ्यास 20 दिसंबर 2024 को पूरा हुआ।
- इस अभ्यास ने दोनों देशों के कोस्ट गार्ड्स के बीच सहयोग को और मजबूत किया है।
वियतनाम कोस्ट गार्ड शिप CSB 8005 ने 20 दिसंबर 2024 को कोच्चि से प्रस्थान किया। इस सफल दौरे ने वियतनाम कोस्ट गार्ड (VCG) और भारतीय कोस्ट गार्ड (ICG) के बीच साझेदारी को सुदृढ़ किया है।
- यह संयुक्त अभ्यास दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती प्रदान करता है, खासकर समुद्री सुरक्षा और मानवीय सहायता के मामलों में।
भारतीय कोस्ट गार्ड के हेलीकॉप्टरों और डॉर्नियर विमानों ने प्रदूषण प्रतिक्रिया, बाहरी अग्निशमन, चिकित्सा निकासी और अन्य मिशनों में अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया।
- इस अभ्यास के दौरान भारतीय कोस्ट गार्ड की वायु इकाई ने अपनी त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया क्षमताओं को सिद्ध किया।
संबंधित तथ्य:
भारत और वियतनाम के कोस्ट गार्ड्स के बीच यह संयुक्त अभ्यास समुद्र सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, और पर्यावरणीय संकटों के प्रति तत्परता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। यह दोनों देशों के समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाता है।
वियतनाम कोस्ट गार्ड (VCG) और भारतीय कोस्ट गार्ड (ICG) दोनों ही देशों की समुद्र सुरक्षा का ख्याल रखते हैं और नियमित रूप से ऐसे अभ्यासों के माध्यम से एक-दूसरे से सहयोग बढ़ाते हैं।
भारतीय कोस्ट गार्ड (ICG): यह एक प्रमुख भारतीय समुद्री सुरक्षा बल है, जो समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसे कार्यों को संभालता है। इसके हेलीकॉप्टरों और विमानों का उपयोग प्रदूषण नियंत्रण, अग्नि नियंत्रण, और मानवीय सहायता कार्यों में किया जाता है।
👉22 दिसंबर 2024 को अमेरिकी राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय-अमेरिकी उद्यमी, वेंचर कैपिटलिस्ट और लेखक श्रीराम कृष्णन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर वरिष्ठ व्हाइट हाउस नीति सलाहकार के रूप में नियुक्त किया।
- श्रीराम कृष्णन की यह नियुक्ति अमेरिकी प्रशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव और नवाचार की ओर एक कदम है।
संबंधित तथ्य:
श्रीराम कृष्णन: श्रीराम कृष्णन एक प्रमुख भारतीय-अमेरिकी उद्यमी, वेंचर कैपिटलिस्ट और लेखक हैं, जिन्होंने टेक्नोलॉजी और इन्वेस्टमेंट की दुनिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वह कई टेक कंपनियों के बोर्ड में रह चुके हैं और उनकी विशेषज्ञता विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी नीति में रही है।
अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: AI तकनीक तेजी से अमेरिकी प्रशासन, सेना, और उद्योगों में बढ़ती जा रही है, और व्हाइट हाउस में श्रीराम कृष्णन की नियुक्ति AI के नीति निर्धारण के क्षेत्र में नई दिशा देने की संभावना है। AI से संबंधित रणनीतियाँ अब अमेरिकी नीतियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं।
डोनाल्ड ट्रंप: डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भी अपनी प्रशासनिक नीतियों में तकनीकी उन्नति और नवाचार को बढ़ावा दिया था। उनके द्वारा श्रीराम कृष्णन को इस महत्वपूर्ण भूमिका में नियुक्ति से यह संकेत मिलता है कि AI और तकनीकी नवाचार प्रशासन की प्राथमिकताओं में एक प्रमुख स्थान प्राप्त करेंगे।
👉पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर को संयुक्त राष्ट्र आंतरिक न्याय परिषद (United Nations Internal Justice Council) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
- उनकी नियुक्ति तुरंत प्रभाव से लागू होगी और यह 12 नवम्बर 2028 तक जारी रहेगी।
न्यायमूर्ति लोकुर को 2019 में फिजी सुप्रीम कोर्ट के गैर-निवासी पैनल का न्यायाधीश भी नियुक्त किया गया था, जिससे वह दूसरे देश के सुप्रीम कोर्ट में पदभार ग्रहण करने वाले पहले भारतीय न्यायाधीश बने।
संबंधित तथ्य:
न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर: न्यायमूर्ति लोकुर 2018 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने न्यायिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और कई landmark मामलों का हिस्सा रहे हैं। उनके द्वारा दिए गए फैसले भारतीय न्याय व्यवस्था में मील का पत्थर माने जाते हैं।
संयुक्त राष्ट्र आंतरिक न्याय परिषद (UN Internal Justice Council): यह परिषद संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों के लिए न्यायिक प्रक्रियाओं और विवादों को हल करने का कार्य करती है। यह परिषद संयुक्त राष्ट्र के आंतरिक प्रशासनिक न्यायालयों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
फिजी सुप्रीम कोर्ट: न्यायमूर्ति लोकुर की फिजी सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति ने अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सहयोग और भारतीय न्यायाधीशों की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाया। यह नियुक्ति भारतीय न्यायपालिका की वैश्विक स्तर पर बढ़ती पहचान को भी दिखाती है।
👉प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 22 दिसंबर 2024 को कुवैत के अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबाह द्वारा देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल-कबीर' से नवाजा गया। यह सम्मान भारत और कुवैत के बीच मजबूत और ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक है।
संबंधित तथ्य:
'ऑर्डर ऑफ मुबारक अल-कबीर': यह कुवैत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जिसे किसी विशेष व्यक्ति या संगठन को उनके महान योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। यह सम्मान कुवैत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए उनके योगदान को मान्यता देने का तरीका है।
भारत और कुवैत के संबंध: कुवैत और भारत के बीच ऐतिहासिक और मजबूत रिश्ते हैं, जो व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच संपर्क के कारण समय-समय पर और भी प्रगाढ़ होते गए हैं। कुवैत में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने कुवैत और अन्य खाड़ी देशों के साथ संबंधों को और अधिक सशक्त किया है। उन्होंने कई द्विपक्षीय मुद्दों पर कुवैत के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं, विशेषकर आर्थिक, ऊर्जा, और श्रम संबंधी मुद्दों पर।
👉एपिगामिया के सह-संस्थापक रोहन मिर्चंदानी का 21 दिसंबर 2024 को 42 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।
- रोहन मिर्चंदानी की अगुवाई में, एपिगामिया ने 2013 में होकी पोकी आइस क्रीम से सफलता प्राप्त की और भारतीय बाजार में ग्रीक योगर्ट और अन्य डेयरी उत्पादों के प्रमुख ब्रांड के रूप में उभरा।
रोहन मिर्चंदानी के नेतृत्व में एपिगामिया ने 30 शहरों में 20,000 से अधिक खुदरा टचपॉइंट्स के साथ अपने उत्पादों को पेश किया और 2025-26 तक मध्य पूर्व में विस्तार की योजना बना रही थी।
संबंधित तथ्य:
रोहन मिर्चंदानी: रोहन मिर्चंदानी एक प्रमुख भारतीय उद्यमी थे, जिन्होंने भारतीय खाद्य उद्योग में ग्रीक योगर्ट के प्रति उपभोक्ताओं का रुझान बढ़ाया। उनके नेतृत्व में एपिगामिया ने तेजी से सफलता हासिल की और भारतीय उपभोक्ता बाजार में अपनी पहचान बनाई।
एपिगामिया: एपिगामिया, जो भारतीय ग्रीक योगर्ट का प्रमुख ब्रांड है, ने भारतीय खाद्य उद्योग में एक नई दिशा दी। कंपनी के पास अब ग्रीक योगर्ट, आइस क्रीम, और अन्य डेयरी उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला है, जिसे बड़े पैमाने पर विभिन्न शहरों और स्टोरों में बेचा जाता है।
मध्य पूर्व में विस्तार: रोहन मिर्चंदानी और उनकी टीम के लिए, एपिगामिया का 2025-26 में मध्य पूर्व में विस्तार एक प्रमुख योजना थी। इस क्षेत्र में भारतीय ब्रांड्स के लिए अपार संभावनाएं हैं, खासकर खाद्य और डेयरी उत्पादों के लिए।
Sources credited to :
Press Information Bureau- The Hindu News Paper
- The Indian Express
- Government ministries official sites

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