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"विश्व और भारत से जुड़े प्रमुख घटनाएँ"
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• ''परीक्षाउपयोगी तथ्य''
👉NHAI ने आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता और राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षा को बढ़ाने के लिए उन्नत 'राजमार्ग साथी' (Rajmarg Saathi) RPVs पेश किए हैं, जो AI सक्षम कैमरों और बंद कैबिनेट्स से लैस हैं।
इन RPVs को उन्नत संचार और सुरक्षा उपकरणों से लैस किया गया है, और इनका उद्देश्य ट्रैफिक व्यवधान को न्यूनतम करना, सड़क निगरानी में सुधार करना और सभी राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुरक्षित अनुभव प्रदान करना है। इन वाहनों में AI आधारित कैमरे और अत्याधुनिक सेंसर तकनीक का उपयोग किया गया है, जो वास्तविक समय में यातायात की स्थिति की निगरानी करने और आपातकालीन घटनाओं का शीघ्र पता लगाने में सक्षम हैं।
अधिक जानकारी और तथ्य:
AI आधारित कैमरे: ये कैमरे ट्रैफिक के बहाव, दुर्घटनाओं, सड़क पर रुकावटों और किसी भी असामान्य गतिविधि का पता लगाने में मदद करते हैं। इनका उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ाना और यात्रियों के लिए त्वरित सहायता प्रदान करना है।
बंद कैबिनेट्स: RPVs में बंद कैबिनेट्स को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि इनका इस्तेमाल आपातकालीन उपकरण और अन्य आवश्यक सामग्री को सुरक्षित रूप से रखने के लिए किया जा सके।
संचार उपकरण: इन RPVs में उन्नत संचार उपकरण शामिल हैं, जिससे सड़क पर किसी भी प्रकार की घटना की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाई जा सकती है। इससे आपातकालीन प्रतिक्रिया समय में काफी कमी आएगी और दुर्घटनाओं की संख्या घटेगी।
यातायात अवरोधों को कम करना: RPVs की तैनाती से राजमार्गों पर ट्रैफिक की गति में सुधार होगा, क्योंकि ये तेज़ और अधिक सटीक तरीके से घटनाओं का विश्लेषण करने में सक्षम होंगे और मौके पर ही समाधान प्रदान करेंगे।
सुरक्षा और निगरानी: इन RPVs का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ाना है। ये RPVs यातायात जाम, दुर्घटनाओं और आपातकालीन स्थितियों का जल्दी समाधान करने में मदद करेंगे।
इस पहल के साथ, NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने अपनी सुरक्षा योजनाओं को और अधिक मजबूत किया है, जिससे राजमार्ग पर यात्रा करने वालों को एक बेहतर और सुरक्षित अनुभव मिलेगा।
👉लोकसभा ने रेलवे संशोधन विधेयक, 2024 को पारित किया, जो रेलवे बोर्ड अधिनियम 1905 को रेलवे अधिनियम 1989 के तहत एकीकृत करके कानूनी ढांचे को सरल बनाता है।
यह विधेयक ब्रिटिश काल के भारतीय रेलवे बोर्ड अधिनियम 1905 के सभी प्रावधानों को रेलवे अधिनियम 1989 में सम्मिलित करने का प्रस्ताव करता है। इसका उद्देश्य कानूनी ढांचे को सरल बनाना और इन दोनों कानूनों का संदर्भ लेने की आवश्यकता को कम करना है।
अधिक जानकारी और तथ्य:
कानूनी ढांचे में सुधार: यह विधेयक भारतीय रेलवे के संचालन और प्रबंधन से संबंधित पुराने और जटिल कानूनी ढांचे को समाहित करेगा, जिससे भविष्य में रेलवे से जुड़े कानूनी मामलों को निपटाना आसान हो जाएगा।
रेलवे बोर्ड अधिनियम 1905: यह अधिनियम ब्रिटिश शासन के दौरान लागू हुआ था, और रेलवे से संबंधित विभिन्न कार्यों और निर्णयों को नियंत्रित करता था। यह अधिनियम अब रेलवे अधिनियम 1989 में शामिल किया जाएगा।
रेलवे अधिनियम 1989: यह मौजूदा रेलवे कानून है, जिसे भारतीय रेलवे के संचालन, प्रबंधन और विनियमन के लिए आधार के रूप में उपयोग किया जाता है। इस विधेयक के तहत, पुराने रेलवे बोर्ड अधिनियम के सभी प्रावधानों को इस अधिनियम में शामिल किया जाएगा।
विधेयक का उद्देश्य: यह विधेयक रेलवे से संबंधित कानूनी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए पेश किया गया है। इससे रेलवे विभाग और अन्य संबंधित पक्षों के लिए काम करना सरल होगा, और कानून के दो अलग-अलग प्रावधानों के बीच भ्रम की स्थिति समाप्त होगी।
प्रभाव: इस संशोधन से रेलवे संचालन में अधिक स्पष्टता और प्रभावी प्रबंधन होगा। साथ ही, कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाने में मदद मिलेगी, जो भारतीय रेलवे के विकास में सहायक होगी।
यह विधेयक भारतीय रेलवे के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, जिससे रेलवे के संचालन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।
👉BOBCARD Ltd, जो कि बैंक ऑफ बड़ौदा की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, ने TIARA क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया है — एक ऐसा क्रेडिट कार्ड जो महिलाओं के वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
TIARA क्रेडिट कार्ड महिलाओं के लिए एक विशेष कार्ड है, जो उन्हें वित्तीय सशक्तिकरण और लाइफस्टाइल सपोर्ट प्रदान करता है। इस कार्ड में महिलाओं के लिए विशेष लाभ दिए गए हैं, जिससे वे अपनी व्यक्तिगत और वित्तीय जरूरतों को पूरा कर सकती हैं।
प्रमुख विशेषताएँ और लाभ:
कंप्लीमेंटरी वाउचर और सदस्यता: TIARA क्रेडिट कार्ड धारकों को ₹31,000 तक के वाउचर्स और सदस्यता मिलती है, जो प्रमुख ब्रांड्स जैसे Myntra, Nykaa, Flipkart, Amazon Prime और अन्य से मिलते हैं।
अनलिमिटेड एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस: कार्डधारकों को एयरपोर्ट लाउंज का अनलिमिटेड एक्सेस मिलेगा, जिससे यात्रा के दौरान उन्हें आराम और सुविधाएं मिलेंगी।
कम फॉरेक्स मार्कअप: TIARA क्रेडिट कार्ड पर विदेशी मुद्रा लेन-देन पर कम मार्कअप शुल्क लिया जाएगा, जिससे विदेश यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए यह और भी फायदेमंद साबित होगा।
UPI पेमेंट्स: यह कार्ड UPI पेमेंट्स की सुविधा प्रदान करता है, जो भारत में सबसे लोकप्रिय और सुविधाजनक भुगतान तरीका है।
यात्रा, डाइनिंग, एंटरटेनमेंट और स्वास्थ्य के लाभ: कार्ड में यात्रा, भोजन, मनोरंजन और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष लाभ भी दिए गए हैं, जो महिलाओं को अपनी जिंदगी को और आसान और शानदार बनाने में मदद करेंगे।
महिलाओं के लिए समर्पित: यह कार्ड पूरी तरह से महिलाओं के लिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि उन्हें अपनी वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त करने और जीवन को बेहतर बनाने में सहारा मिल सके।
TIARA क्रेडिट कार्ड का उद्देश्य:
BOBCARD का उद्देश्य इस कार्ड के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें अपने जीवन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सुविधाएँ प्रदान करना है। यह महिलाओं को न केवल खरीदारी में बल्कि उनके दैनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं में भी समर्थन देगा।
इस कार्ड की लॉन्चिंग से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जो उन्हें अपने जीवन को बेहतर और स्वतंत्र तरीके से जीने में मदद करेगा।
👉भारत की महिला हॉकी टीम ने 15 दिसंबर 2024 को मस्कट, ओमान में हुए महिला जूनियर एशिया कप के फाइनल में चीन को 4-2 से पेनल्टी शूटआउट में हराकर खिताब जीता।
यह भारत का लगातार दूसरा महिला जूनियर एशिया कप खिताब है। इस शानदार जीत के बाद, हॉकी इंडिया ने प्रत्येक खिलाड़ी को 2 लाख रुपये और प्रत्येक सपोर्ट स्टाफ सदस्य को 1 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
महत्वपूर्ण तथ्य:
खिताब की जीत: भारतीय महिला हॉकी टीम ने 4-2 के पेनल्टी शूटआउट में चीन को हराकर एशिया कप का खिताब जीता। यह भारतीय महिला हॉकी टीम की लगातार दूसरी जीत है, जिसने पिछले साल भी यह खिताब जीता था।
पेनल्टी शूटआउट में जीत: मैच में दोनों टीमें सामान्य समय में बराबरी पर रहीं, और फिर पेनल्टी शूटआउट के जरिए विजेता का निर्णय किया गया। भारतीय टीम ने अपनी शानदार स्किल और रणनीति से जीत दर्ज की।
इनाम की घोषणा: हॉकी इंडिया ने इस जीत के बाद प्रत्येक खिलाड़ी को 2 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ को 1 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। यह पुरस्कार खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है।
महिला हॉकी टीम की सफलता: यह भारत की महिला हॉकी टीम की बड़ी उपलब्धि है, जो एशिया में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए निरंतर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने इस जीत के साथ अपने खेल को और भी ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
इस शानदार जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने साबित कर दिया कि उनका आत्मविश्वास और टीम वर्क किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है।
👉उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 दिसंबर 2024 को देहरादून में 38वें राष्ट्रीय खेलों का प्रतीक, शुभंकर, गान, जर्सी और मशाल का अनावरण किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय खेलों का गान "संकल्प से शिखर तक" भी लॉन्च किया, जिसे उन्होंने रिमोट बटन दबाकर प्रस्तुत किया।
मुख्य बिंदु:
प्रतीक, शुभंकर, गान और जर्सी का अनावरण: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के प्रतीक, शुभंकर, गान, जर्सी और मशाल का अनावरण किया। इन सभी तत्वों का उद्देश्य राष्ट्रीय खेलों की विशेषता और उनके आयोजन को और अधिक गौरवमयी बनाना है।
राष्ट्रीय खेलों का गान: "संकल्प से शिखर तक" इस गान को रिमोट बटन दबाकर लॉन्च किया गया, जो भारतीय खेलों में आत्मविश्वास और संघर्ष की भावना को दर्शाता है। यह गान खिलाड़ियों और दर्शकों में उत्साह और प्रेरणा का संचार करेगा।
38वें राष्ट्रीय खेलों का महत्व: 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन भारत के विभिन्न हिस्सों में खेलों के महत्व को बढ़ाने और खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए किया जा रहा है। इस आयोजन से राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में प्रतिस्पर्धा को और प्रोत्साहन मिलेगा।
उत्तराखंड में खेलों की संस्कृति को बढ़ावा: मुख्यमंत्री धामी ने इस आयोजन के माध्यम से उत्तराखंड में खेलों की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के विभिन्न खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों को बेहतर बनाने के लिए यह आयोजन एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
यह अनावरण समारोह राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ से पहले आयोजित किया गया था, और इसने भारतीय खेलों की दुनिया में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।
👉मुंबई ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2024 का खिताब दूसरी बार जीत लिया, मध्य प्रदेश को फाइनल में 5 विकेट से हराकर। वे पहले 2022 में हिमाचल प्रदेश को हराकर खिताब जीत चुके हैं।
सुर्यकुमार यादव ने 48 रन बनाकर मुंबई के लिए शीर्ष स्कोर किया, जबकि सुर्यांश शेजे ने नाबाद 36 रन बनाए और उन्हें "प्लेयर ऑफ द मैच" नामित किया गया। मध्य प्रदेश के कप्तान रजत पटिदार ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 81 रन नाबाद बनाए, लेकिन उनकी टीम मैच जीतने में सफल नहीं हो पाई।
मुख्य बिंदु:
मुंबई की जीत: मुंबई ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2024 के फाइनल में मध्य प्रदेश को 5 विकेट से हराया। यह मुंबई का दूसरा सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खिताब है, पहले उन्होंने 2022 में हिमाचल प्रदेश को हराया था।
सुर्यकुमार यादव का योगदान: सुर्यकुमार यादव ने 48 रन बनाकर मुंबई की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनकी बल्लेबाजी से टीम को आवश्यक लक्ष्य तक पहुँचने में मदद मिली।
सुर्यांश शेजे का प्रदर्शन: सुर्यांश शेजे ने नाबाद 36 रन बनाए और उन्हें "प्लेयर ऑफ द मैच" के रूप में सम्मानित किया गया। उनके प्रयास से मुंबई ने मैच की स्थिति को नियंत्रित किया।
मध्य प्रदेश के कप्तान रजत पटिदार: मध्य प्रदेश के कप्तान रजत पटिदार ने 81 रन नाबाद बनाकर अपनी टीम के लिए शानदार पारी खेली, लेकिन वह अकेले अपनी टीम को जीत दिलाने में असफल रहे।
यह जीत मुंबई के क्रिकेट इतिहास में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है, और टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट में अपनी ताकत को साबित किया।
👉भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 11 दिसंबर 2024 से तीन साल की अवधि के लिए मनीष जैन को यस बैंक का कार्यकारी निदेशक (Executive Director - ED) नियुक्त करने को मंजूरी दी है।
मनीष जैन ने यस बैंक में व्होलसेल बैंकिंग ग्रुप के कंट्री हेड के रूप में जुड़कर संचालन क्षमता, लाभप्रदता में सुधार और कॉर्पोरेट क्षेत्र में मजबूत ग्राहक संबंध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्य बिंदु:
मनीष जैन की नियुक्ति: भारतीय रिजर्व बैंक ने मनीष जैन को यस बैंक का कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 11 दिसंबर 2024 से प्रभावी होगी और वह तीन साल तक इस पद पर कार्य करेंगे।
यस बैंक में भूमिका: मनीष जैन ने यस बैंक में अपनी यात्रा की शुरुआत व्होलसेल बैंकिंग ग्रुप के कंट्री हेड के रूप में की थी। उनके नेतृत्व में बैंक ने कार्यकुशलता, लाभप्रदता में सुधार और कॉर्पोरेट क्षेत्र में ग्राहकों के साथ मजबूत रिश्ते स्थापित किए।
मनीष जैन का योगदान: मनीष जैन ने बैंक के संचालन और लाभप्रदता को बेहतर बनाने के लिए कई रणनीतियाँ अपनाईं। उन्होंने ग्राहकों के साथ लंबे समय तक संबंध बनाने की दिशा में काम किया और बैंक को प्रतिस्पर्धी बाजार में मजबूत बनाया।
यस बैंक के लिए भविष्य: मनीष जैन की नियुक्ति से यस बैंक की प्रबंधन टीम में और अधिक स्थिरता आएगी, और बैंक को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की उम्मीद की जा रही है। उनके नेतृत्व में बैंक का विकास और सफलता सुनिश्चित होने की संभावना है।
इस नियुक्ति से यस बैंक को अपने व्यापारिक और ग्राहक संबंधों को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी, और मनीष जैन के अनुभव से बैंक को आगामी वर्षों में लाभ होने की उम्मीद है।
👉प्रसिद्ध तबला उस्ताद और पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित ज़ाकिर हुसैन का 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
उस्ताद ज़ाकिर हुसैन भारतीय संगीत के महान माने जाते थे और उनकी मृत्यु से संगीत जगत में एक बड़ी रिक्तता आई है। उन्होंने अपनी विशेष तबला कला से दुनिया भर में भारतीय संगीत को प्रमुखता दिलाई।
उनकी प्रमुख उपलब्धियाँ:
सम्मान और पुरस्कार:
- पद्म श्री: 1988 में ज़ाकिर हुसैन को भारतीय संगीत और कला में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
- पद्म भूषण: 2002 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया, जो भारत का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार है।
- पद्म विभूषण: 2023 में उन्हें भारत के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा गया।
ग्रैमी अवार्ड्स:
- उस्ताद ज़ाकिर हुसैन ने 2009 में अपना पहला ग्रैमी अवार्ड जीता।
- 2024 में उन्होंने तीन अलग-अलग एल्बमों के लिए तीन ग्रैमी अवार्ड्स जीते, जो उनकी अद्वितीय काबिलियत और वैश्विक संगीत में योगदान को रेखांकित करता है।
पहला एल्बम:
- 1973 में उन्होंने अपना पहला एल्बम 'Living in the Material World' लॉन्च किया, जो उनके संगीत करियर की शुरुआत का प्रतीक था।
संगीत में योगदान: उस्ताद ज़ाकिर हुसैन ने भारतीय शास्त्रीय संगीत, खासकर तबला, को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर विशेष पहचान दिलाई। उन्होंने न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी अपनी कला का लोहा मनवाया और कई अन्य मशहूर संगीतकारों के साथ सहयोग किया।
ज़ाकिर हुसैन का संगीत जीवनभर भारतीय संगीत की धारा को आगे बढ़ाता रहेगा। उनकी विरासत और योगदान हमेशा भारतीय संगीत की दुनिया में अमर रहेंगे।
👉इतालवी सरकार ने जैवियर माईलेई को उनके इतालवी वंश के कारण नागरिकता प्रदान की, जिससे रिकार्डो माजी द्वारा आलोचना की गई, जिन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि इतालवी वंशजों को इतालवी नागरिकता देने में इटली में जन्मे बच्चों के मुकाबले अन्याय क्यों किया जा रहा है। माजी ने यह सवाल उठाया कि क्या यह नीति समावेशी और न्यायपूर्ण है, क्योंकि यह उन लोगों को प्राथमिकता देती है जिनका वंश इतालवी है, बजाय इसके कि इटली में जन्मे बच्चों को समान अधिकार मिले।
इतालवी प्रधानमंत्री जोर्जिया मेलोनी ने माईलेई से मुलाकात की और द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। इस बैठक में 2025-2030 की कार्य योजना पर विचार किया गया, जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, न्यायिक सुधार और सुरक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करना था। इस योजना का लक्ष्य दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक और व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देना है।
अतिरिक्त जानकारी:
- जैवियर माईलेई अर्जेंटीना के राष्ट्रपति हैं और उनकी सरकार ने इटली के साथ विभिन्न सहयोग क्षेत्रों में रिश्तों को बेहतर बनाने पर जोर दिया है।
- इटली और अर्जेंटीना के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं, क्योंकि अर्जेंटीना में इतालवी आप्रवासी समुदाय महत्वपूर्ण है। यह समुदाय अर्जेंटीना की संस्कृति, कला और राजनीति में गहरी छाप छोड़ चुका है।
- माईलेई की इटली यात्रा को कई राजनीतिक विश्लेषकों ने महत्वपूर्ण माना है, क्योंकि इससे दोनों
👉15 दिसम्बर 2024 को ग्वालियर, मध्यप्रदेश में 100वें तानसेन संगीत महोत्सव का गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज हुआ।
यह रिकॉर्ड नौ मिनट तक लगातार नौ वाद्ययंत्र बजाने के बाद स्थापित किया गया। इस प्रदर्शन में कुल 536 पुरुष और महिला कलाकारों ने भाग लिया। कलाकारों ने राग मल्हार, मियां की तोरी और दरबारी कन्हरा की प्रस्तुतियां दीं। प्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित रोनू मजुमदार ने इस आयोजन का समन्वय किया।
यह संगीत महोत्सव भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को उजागर करने का एक बड़ा अवसर है। तानसेन संगीत महोत्सव का आयोजन हर साल ग्वालियर में होता है, जो तानसेन, जो कि भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान गायक और संगीतकार थे, की याद में मनाया जाता है। उनका जन्म ग्वालियर में हुआ था, और उनका संगीत भारतीय संगीत की धारा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
ग्वालियर के इस महोत्सव में देश-विदेश से शास्त्रीय संगीत के कलाकार जुटते हैं, और यह संगीत प्रेमियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन चुका है। इस महोत्सव में विभिन्न रागों, तालों, और भारतीय संगीत के विविध रूपों का प्रदर्शन किया जाता है, जो शास्त्रीय संगीत की गहराई और विविधता को प्रदर्शित करता है।
इस विशेष 100वें महोत्सव में वाद्ययंत्रों के साथ-साथ रागों की संगत पर भी विशेष ध्यान दिया गया था। राग मल्हार, मियां की तोरी और दरबारी कन्हरा जैसे रागों का चयन इस बात को प्रमाणित करता है कि तानसेन महोत्सव का उद्देश्य केवल संगीत को संजोना नहीं, बल्कि उस परंपरा को जीवित रखना भी है जिसे तानसेन ने अपने जीवन में प्रतिष्ठित किया था।
यह आयोजन गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने के बाद एक ऐतिहासिक घटना बन गया है, और संगीत की शक्ति को दुनिया भर में दर्शाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है।
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